आईएनएसवी तारिणी को गोवा से मॉरीशस तक नौसेना की दो महिला अधिकारियों के ऐतिहासिक डबल हैंड मोड पर रवाना किया गया
भारतीय नौसेना के नौकायन पोत तारिणी को 28 फरवरी 2024 को गोवा में आईएनएस मंडोवी से मॉरीशस में पोर्ट लुइस के लिए एक विशेष अभियान पर रवाना किया गया।

भारतीय नौसेना नौकायन संघ (आईएनएसए) के तत्वावधान में आयोजित यह विशेष अभियान नौसेना के महासागर नौकायन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है क्योंकि यह अभियान भारतीय महिलाओं द्वारा डबल हैंड मोड में की जाने वाली पहली ट्रांसोनिक सॉर्टी है।
नारी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए समुद्री क्षेत्र में इस ऐतिहासिक यात्रा पर निकले हैं। आईएनएसवी तारिणी पर अभियान न केवल भारतीय नौसेना की महिला कर्मियों के असाधारण कौशल एवं समर्पण को उजागर करता है, बल्कि पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्रों में लैंगिक समानता व समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट करता है।

उनका यह प्रयास इस वर्ष के अंत में निर्धारित विश्व जलयात्रा परिभ्रमण के लिए उनकी तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये दोनों अधिकारी पिछले ढाई साल से कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद स्वयं को तैयार कर रही हैं। वर्तमान अभियान से पहले, छह लोगों के दल के हिस्से के रूप में दोनों अधिकारियों ने गोवा से मॉरीशस तक यात्रा की थी और फिर 2022 में वापस लौट कर आई थीं। इसके बाद दोनों अधिकारियों द्वारा पिछले वर्ष गोवा से केप टाउन होते हुए रियो दी जनेरियो तक एक अभियान चलाया गया और फिर वापसी की गई। इसके अलावा, इन दोनों महिला अधिकारियों ने गोवा से पोर्ट ब्लेयर तक और उसके बाद वापस डबल हैंड मोड में एक नौकायन अभियान संचालित किया।

इस वर्ष सितंबर में शुरू होने वाली जलयात्रा से पहले यह उनका अंतिम एकीकृत अभियान होगा।
इस अभियान को कमांडर अभिलाष टॉमी (सेवानिवृत्त), केसी, एनएम द्वारा हरी झंडी दिखाई गई। वे एक प्रतिष्ठित नाविक रहे हैं, जिन्होंने दो बार नौकायन नौकाओं पर बिना रुके दुनिया की परिक्रमा की है। वह पिछले छह महीने से दोनों महिला अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने इस महत्वपूर्ण अभियान को हरी झंडी दिखाने पर गर्व जताया। कमांडर अभिलाष टॉमी ने कहा कि यह अभियान साहस और लचीलेपन की भावना का प्रतीक है, जो भारतीय नौसेना की क्षमताओं को परिभाषित करता है। उन्होंने दोनों महिला अधिकारियों की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया और उनकी ऐतिहासिक यात्रा के लिए अनुकूल हवाओं तथा समुद्र के सहज रहने की कामना की।
आईएनएसवी तारिणी का अंतर महासागरीय अभियान भारत के समुद्री प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम को आगे बढ़ने का प्रतीक है, जो वैश्विक समुद्री गतिविधियों में भारत की बढ़ती व्यस्तता और खुले समुद्र में लैंगिक समानता को दर्शाता है। यह अपनी रैंकों के भीतर उत्कृष्टता एवं विविधता को बढ़ावा देने के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण प्रमाण है।
इस नौका के 20 मार्च, 2024 को मॉरीशस में पोर्ट लुइस पहुंचने की संभावना है।