मार्च 7, 2026

75वां गणतंत्र दिवस समारोह: बीटिंग रिट्रीट 2024 के आयोजन के दौरान विजय चौक सभी भारतीय धुनों से गूंज उठेगा

75वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के प्रतीक ‘बीटिंग रिट्रीटिंग’ समारोह का आयोजन 29 जनवरी, 2024 को किया जाएगा। इस अवसर पर शाही रायसीना पहाड़ियों में स्थित ऐतिहासिक विजय चौक सूरज डूबने के समय पर बजाए जानी वाले सभी भारतीय धुनों का साक्षी बनेगा। भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के संगीत बैंड देश के प्रतिष्ठित दर्शकों के समक्ष 31 मनमोहक और थिरकने वाली भारतीय धुनें बजाएंगे। इस अवसर पर राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी तथा आम जनता उपस्थिति होगी।

समारोह की शुरुआत सामूहिक बैंड द्वारा ‘शंखनाद’ धुन के साथ होगी, जिसके बाद पाइप्स और ड्रम बैंड के माध्यम से ‘वीर भारत’, ‘संगम दूर’, ‘देशों का सरताज भारत’, ‘भागीरथी’ और ‘अर्जुन’ जैसी मनमोहक धुनें पेश की जाएंगी। सीएपीएफ बैंड ‘भारत के जवान’ और ‘विजय भारत’ का संगीत बजाएंगे।

‘टाइगर हिल’, ‘रेजॉइस इन रायसीना’ और ‘स्वदेशी’ भारतीय वायु सेना के बैंड द्वारा बजाई जाने वाली धुनों में शामिल हैं। इसके बाद दर्शक भारतीय नौसेना बैंड को ‘आईएनएस विक्रांत’, ‘मिशन चंद्रयान’, ‘जय भारती’ और ‘हम तैयार हैं’ सहित कई अन्य धुनें बजाते हुए देख कर आनंदित होंगे। इसके बाद भारतीय सेना का बैंड आएगा, जो ‘फौलाद का जिगर’, ‘अग्निवीर’, ‘करगिल 1999’ और ‘ताकत वतन’ समेत अन्य संगीतमय प्रस्तुति पेश करेगा।

इसके बाद सामूहिक बैंड ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’, ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ और ‘ड्रमर्स कॉल’ की धुनें बजाएंगे। बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम का समापन लोकप्रिय धुन ‘सारे जहां से अच्छा’ के साथ होगा।

मुख्य संचालक लेफ्टिनेंट कर्नल विमल जोशी इस समारोह का संचालन करेंगे। इसके अलावा, आर्मी बैंड के कंडक्टर सूबेदार मेजर मोती लाल होंगे, एमसीपीओ एमयूएस II एम एंटनी और वारंट ऑफिसर अशोक कुमार क्रमशः भारतीय नौसेना तथा भारतीय वायु सेना के संचालक होंगे। कांस्टेबल जीडी रानीदेवी सीएपीएफ बैंड की संचालिका होंगी।

बिगुल बजाने वाले सैन्य कलाकार नायब सूबेदार उमेश कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शन करेंगे और सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह के निर्देश के अनुसार पाइप्स तथा ड्रम बैंड पर प्रस्तुति दी जाएगी।

‘बीटिंग रिट्रीट’ की शुरुआत 1950 के दशक प्रारंभ में हुई थी, जब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट्स ने सामूहिक बैंड द्वारा प्रदर्शन के अनूठे समारोह को स्वदेशी रूप से तैयार कर प्रस्तुत किया किया था। यह सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का प्रतीक है, जब सैनिक लड़ना बंद कर देते थे, अपने हथियार बंद कर रख देते थे, युद्ध के मैदान से हट जाते थे और रिट्रीट की ध्वनि के साथ सूर्यास्त के समय अपने शिविरों में लौट आते थे। कॉलर्स तथा स्टैण्डर्ड्स खोल दिए जाते हैं और झंडे उतार दिए जाते हैं। यह समारोह बीते समय के प्रति पुरानी स्मृतियों को करता है।

Leave a Reply

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.

Discover more from जन किरण

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading