‘विकसित भारत @ 2047’ पर शाहपुर परिसर में कार्यशाला: दैनिक जीवन में सतत विकास के बारे में हुई चर्चा
हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के शाहपुर परिसर में जंतु विज्ञान विभाग और पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान स्कूल की ओर से ‘विकसित भारत @ 2047’ पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण ‘विकसित भारत@2047: युवाओं की आवाज’ की निरंतरता में आयोजित की गई।


कार्यशाला में प्रो. अंबरीश कुमार महाजन, प्रो. दीपक पंत और प्रो. सुनील कुमार ठाकुर एवं अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। इस मौके पर प्रो. महाजन ने दैनिक जीवन में सतत विकास के बारे में बात की। उन्होंने छात्रों से दैनिक जीवन में सतत विकास की तलाश करने का आग्रह किया। उन्होंने उनसे सतत विकास, अपशिष्ट प्रबंधन आदि से संबंधित विचारों के बारे में सोचने और भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से विचार प्रस्तुत करने का आग्रह किया।
वहीं प्रो. सुनील कुमार ने छात्रों को सतत कृषि विकास में वर्मी कंपोजिट और जैविक खेती के बारे में बताया। इस अवसर पर छात्र चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल हुए। छात्रों को प्लास्टिक के उपयोग को सीमित करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तकनीकों और बायो गैस संयंत्र के रखरखाव करने के लिए प्रोत्साहित किया I कार्यशाला का समापन ‘कार्य की शुरुआत अपने घर और परिसर से करें और राष्ट्र की ओर ले जाएं’ विषय पर संक्षिप्त टिप्पणी के साथ हुई।