11 एसीटीसीएम बार्ज परियोजना के तहत एनएडी (करंजा) के लिए 30 नवंबर, 2023 को मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में तीसरे बार्ज, गोला-बारूद सह टॉरपीडो सह मिसाइल (एसीटीसीएम), एलएसएएम 17 (यार्ड 127) को सौंपा गया
भारतीय नौसेना को तीसरे बार्ज, गोला-बारूद सह टॉरपीडो सह मिसाइल (एसीटीसीएम), एलएसएएम 17 (यार्ड 127) 30 नवंबर, 2023 को सौंप दिया गया। इस अवसर पर आईएनएएस, एजीएम एनएडी (करंजा) शंकर मुखर्जी उपस्थित थे। स्वदेशी निर्माताओं से प्राप्त सभी प्रमुख और सहायक उपकरण/प्रणालियों के साथ यह बार्ज (छोटा पोत) रक्षा मंत्रालय की “मेक इन इंडिया” पहल का गौरवशाली युद्ध सहायक पोत है।

कुल 11 गोला बारूद सह टॉरपीडो सह मिसाइल (एसीटीसीएम) बार्ज के निर्माण और वितरण के लिए महाराष्ट्र के ठाणे स्थित मेसर्स सूर्यदीप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध हुआ है। यह भारत सरकार की “आत्मनिर्भर भारत” पहल के अनुरूप एक एमएसएमई कंपनी है। यह एमएसएमई शिपयार्ड ने पहले ही दो बार्ज की सफलतापूर्वक आपूर्ति की है। इनका निर्माण भारतीय शिपिंग रजिस्टर (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के अनुरूप किया जा रहा है। एसीटीसीएम बार्ज की उपलब्धता भारतीय नौसेना (आईएन) के पोतों पर घाटों और बाहरी पत्तनों पर सामान/गोला-बारूद को चढ़ाने और उतारने की सुविधा प्रदान करके आईएन की परिचालन प्रतिबद्धताओं को प्रोत्साहन प्रदान करेगी।
