आयुष मंत्रालय ने कार्यस्थल को सुव्यवस्थित कर और लंबित कार्यों को समाप्त करके ‘विशेष अभियान 3.0’ को तेज गति प्रदान की
आयुष मंत्रालय विशेष अभियान 3.0 की उपलब्धियों के साथ कार्य क्षेत्र या कार्यस्थल की साफ-सफाई एवं बेहतरी में सफलता की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। अपनी तैयारियों के तहत आयुष मंत्रालय ने 2 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुए राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान 3.0 के लिए निम्नलिखित लंबित कार्यों की पहचान की जिनमें सांसदों के 30, संसदीय आश्वासन के 17, राज्य सरकार के 3, लोक शिकायत के 75, पीएमओ के 3, जन शिकायत संबंधी अपील के 24, फाइल निपटान के 305, और स्वच्छता अभियान के 20 संदर्भ शामिल हैं। 27 अक्टूबर, 2023 तक समीक्षा के लिए लंबित 576 फाइलों में से सभी 576 फाइलों की समीक्षा की जा चुकी है और 161 फाइलों को हटा दिया गया है। सांसदों के 13 संदर्भों और संसदीय आश्वासनों के 8 संदर्भों को स्वीकृति दे दी गई है। मंत्रालय द्वारा सभी 3 राज्य संदर्भ, 75 सार्वजनिक शिकायतें, पीएमओ के 3 संदर्भ, और 24 सार्वजनिक शिकायत अपीलें समाप्त कर दी गई हैं। मंत्रालय ने 20 स्वच्छता अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया।
इसका उद्देश्य हमारे यहां कामकाज के माहौल और कार्यस्थल पर कार्य करने के अनुभव को बेहतर करना और इसके साथ ही लंबित संदर्भ या कार्यों के निपटान के लक्ष्यों को प्राप्त करना था। इस अभियान के दौरान संबंधित कार्यस्थलों को सुव्यवस्थित करने और मंत्रालय के कार्यस्थलों पर साफ-सफाई करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए कामकाज के माहौल को बेहतर बनाने और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में ये प्रयास किए गए हैं।
‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा’ के हिस्से के रूप में आयुष मंत्रालय ने अपने सभी कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई, जिसके तहत स्वच्छ और अपशिष्ट मुक्त भारत के महत्व पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने समीक्षा की और सभी वरिष्ठ अधिकारियों से अभियान अवधि के दौरान लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने को कहा। इस दिशा में दैनिक प्रगति की निगरानी एक विशेष टीम द्वारा की जाती है। संस्थानों, संगठनों, और परिषदों ने अपने-अपने परिसरों, सार्वजनिक स्थानों जैसे कि बस स्टेशनों, पार्कों, हर्बल उद्यानों, और यहां तक कि झीलों एवं तालाबों को भी साफ कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों और आयुष बिरादरी ने अपने अथक प्रयासों के तहत आयुष भवन और आसपास के क्षेत्र की भी साफ-सफाई की। स्वच्छता अभियान की तरह ही आयुष मंत्रालय ने भी विभिन्न राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों, अनुसंधान परिषदों, राष्ट्रीय संस्थानों, अर्द्ध-सरकारी संगठनों और अन्य वैधानिक निकायों से संबंधित गतिविधियों की निगरानी करने को कहा है। यहां पर यह ध्यान देने की जरूरत है कि लंबित मामलों को सुलझाने के पिछले प्रयासों के उल्लेखनीय परिणाम मिले हैं और विभाग अपनी समग्र रैंकिंग को बेहतर करने की स्थिति में है।
कार्य अनुभव को बेहतर बनाने, स्वच्छता को बढ़ावा देने और अपने घोषित लक्ष्यों को प्राप्त करने की अटूट प्रतिबद्धता के साथ यह विशेष अभियान 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा।