प्रसिद्ध साहित्यकार, पत्रकार और संस्कृति कर्मी जगदीश शर्मा की पुस्तक ‘प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ प्रकाशित

प्रसिद्ध साहित्यकार, पत्रकार और संस्कृति कर्मी जगदीश शर्मा की नवीनतम पुस्तक -‘प्रथम स्वतंत्रता संग्राम’ दिल्ली से प्रकाशित हुई है। यह पुस्तक भारतीय स्वातंत्र्य क्रांति पर अन्य ऐतिहासिक पुस्तकों की लीक से हटकर नव -अभिनव शोध पर आधारित कृति है जो यह सिद्ध करती है किभारत की 1857 की क्रांति वास्तव में देश की स्वतंत्रता का पहला संग्राम था जिसने पहली बार ब्रिटिश शासन की जड़ें हिलाकर रख दी थी।जबकि एक लंबे समय तक विदेशी और उनके पिछलग्गू भारतीय इतिहासकार इसका मज़ाक उड़ाते हुए इसे मात्र गदर ,सिपाही या जातीय विद्रोह सिद्ध करते रहे और यही सब हमें पढ़ाया गया।


पहली बार वीर सावरकर जी ने इसे शोध और तर्कों के आधार पर पहला स्वतंत्रता संग्राम सिद्ध किया था इसके बाद लोग इस दिशा में सोचने समझने लगे थे ।जगदीश शर्मा की यह पुस्तक इसी विचारधारा के अनुरूप प्रथम स्वतंत्रता संग्राम पर नवीन तथ्यात्मक ,शोधपरक ,इतिवृतात्मक ऐतिहासिक कृति है जो आजकी नवीन पीढ़ी को वीर सेनानियों द्वारा देश को स्वतन्त्र करवाने के लिये दिए गए महान बलिदानों से परिचित करवाएगी जिन्हें हमारी तरह इन्हें भी अभी तक भ्रामक पाठ पढ़ाया गया है।
आशा है नई पीढ़ीइसके द्वारा वास्तविकता से परिचित होगी और यह शोधकर्ताओं का दिशा निर्देशन भी करेगी।
लेखक ने यह पुस्तक स्वतंत्रता सेनानियों के महान बलिदान को समर्पित की है।