मार्च 8, 2026

भारत की राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में 30 पुरस्कार विजेताओं को 2022 और 2023 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.मनसुख मांडविया ने राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री टीबी-मुक्त भारत अभियान की प्रगति के बारे में जानकारी दी और इस राष्ट्रव्यापी अभियान में उनके नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में नर्सिंग पेशेवरों को वर्ष 2022 और 2023 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। तीस नर्सिंग पेशेवरों को समुदाय के प्रति उनके समर्पण, कर्तव्य और सेवा के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी बघेल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान की प्रगति के बारे में भी जानकारी दी और देशव्यापी अभियान में उनके नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया जिसमें जीवन के विभिन्न क्षेत्रों और स्थानों के लोग उत्साह के साथ लाखों टीबी रोगियों की सहायता के लिए सामुदायिक सेवा के लिए आगे आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून, 2023 को अपने मन की बात में इस अभियान और नि-क्षय मित्र पहल पर प्रकाश डाला था। “भारत ने 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। नि-क्षय मित्र ने टीबी के खिलाफ इस आंदोलन की कमान संभाली है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “ग्रामीण इलाकों में हजारों लोग टीबी के मरीजों को गोद ले रहे हैं। यही भारत की असली ताकत है। 2025 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में युवा भी योगदान दे रहे हैं।”

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डॉ. मनसुख मांडविया ने राष्ट्रपति को यह जानकारी भी दी कि भारत सरकार जल्द ही देश भर में सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रपति को मिशन के बारे में जानकारी दी और इसकी सफलता के लिए उनका मार्गदर्शन मांगा। केंद्रीय बजट 2023-24 में सिकल सेल एनीमिया को 2047 तक खत्म करने के विशेष मिशन की घोषणा की। इसमें प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों में 0-40 वर्ष के आयु वर्ग के 7 करोड़ लोगों के बीच जागरूकता पैदा करना, सार्वभौमिक जांच और परामर्श शामिल होगा।

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1973 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नर्सों और नर्सिंग पेशेवरों द्वारा समाज को प्रदान की गई सराहनीय सेवाओं के सम्मान के रूप में की गई थी। ये फ्लोरेंस नाइटिंगेल के सम्मान में दिए जाते हैं जिन्हें आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक माना जाता है।

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