मार्च 9, 2026

कट्टुपल्ली में 13 जून 23 को मैसर्स एल एंड टी के सर्वे वैसल्स (लार्ज) परियोजना के चौथे जहाज ‘संशोधक’ को लॉन्च किया गया

भारतीय नौसेना के लिए एल एंड टी/जीआरएसई द्वारा निर्मित किए जा रहे सर्वे वैसल्स (लार्ज) (एसवीएल) परियोजना के चार जहाजों में से चौथे ‘संशोधक’ को 13 जून 23 को चेन्नई के कट्टुपल्ली में लॉन्च किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि भारत सरकार के मुख्य हाइड्रोग्राफर वीएडीएम अधीर अरोड़ा थे। नौसेना की समुद्री परंपरा को बरकरार रखते हुए, तन्वी अरोड़ा ने अथर्ववेद के मंत्रोच्चारण के साथ जहाज को लॉन्च किया। ‘संशोधक’ नाम का जहाज, जिसका अर्थ है ‘शोधकर्ता’ एक सर्वेक्षण पोत के रूप में जहाज की प्राथमिक भूमिका को दर्शाता है।

रक्षा मंत्रालय और कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) के बीच 30 अक्टूबर, 2018 को चार एसवीएल जहाजों के निर्माण के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे। निर्माण रणनीति के अनुसार, पहला जहाज कोलकाता के जीआरएसई में बनाया जाएगा और आउटफिटिंग चरण तक शेष तीन जहाजों के निर्माण के लिए कट्टुपल्ली के मैसर्स एलएंडटी शिपबिल्डिंग को उप-अनुबंधित किया गया है। परियोजना के पहले तीन जहाजों, संध्याक, निर्देशक और इक्षक को क्रमशः 5 दिसंबर, 2021, 26 मई, 2022 और 26 नवंबर, 2022 को लॉन्च किया गया था।

एसवीएल जहाज समुद्र संबंधी डेटा एकत्र करने के लिए नई पीढ़ी के हाइड्रोग्राफिक उपकरणों के साथ विद्यमान संध्याक वर्ग के सर्वेक्षण जहाजों को प्रतिस्थापित करेंगे। सर्वे वैसल्स (लार्ज) जहाज 110 मीटर लंबे, 16 मीटर चौड़े और 3,400 टन के विस्थापन के साथ हैं। इन जहाजों का पतवार स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्मित स्वदेशी रूप से विकसित डीएमआर 249-A स्टील से बना हुआ है।

चार सर्वे मोटर बोट और एक इंटिग्रल हेलीकॉप्टर ढोने की क्षमता के साथ, इन जहाजों की प्राथमिक भूमिका बंदरगाहों और नौवहन चैनलों के पूर्ण पैमाने पर तटीय और गहरे पानी के हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने की होगी। इन जहाजों को रक्षा के साथ-साथ नागरिक अनुप्रयोगों के लिए समुद्र विज्ञान और भू-भौतिकीय डेटा एकत्र करने के लिए भी तैनात किया जाएगा। अपनी द्वितीयक भूमिका में ये जहाज सीमित रक्षा, एचएडीआर प्रदान करने में सक्षम हैं और आपात स्थिति के दौरान अस्पताल के जहाज के रूप में काम कर सकते हैं।

सर्वे वैसल्स लार्ज में लागत के हिसाब से 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री होगी, जो देश में रोजगार सृजन और युद्धपोत निर्माण क्षमता में अतिरिक्त उत्पादों के साथ भारतीय निर्माण इकाइयों द्वारा रक्षा उत्पादन सुनिश्चित करेगी। चौथे सर्वे वैसल्स का शुभारंभ ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सरकार के विजन के हिस्से के रूप में स्वदेशी जहाज निर्माण के हमारे संकल्प को मजबूत करता है।

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