भारतीय सेना ने इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडीईएक्स) के द्वारा ‘टैक्टिकल लैन रेडियो, को खरीदने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए
भारतीय सेना ने रक्षा उत्कृष्टता के लिए नई खोज के द्वारा सामरिक लैन रेडियो की खरीद के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। ‘मेक इन इंडिया’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखते हुए भारतीय सेना ने 9 जून 2023 को इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस के द्वारा दूसरे खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। स्वदेशी रूप से विकसित टैक्टिकल लैन रेडियो की खरीद के लिए मेसर्स एस्ट्रोम टेक प्राइवेट लिमिटेड, बैंगलोर, के साथ अनुबंध नई दिल्ली में उप थल सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एम. वी. सुचिन्द्र कुमार की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस पहल के साथ भारतीय सेना ने अब तक आईडीईएक्स के तहत दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर करके अपनी बढ़त बना ली है।
दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में सुरक्षित सामरिक लैन बनाने के लिए ‘सामरिक लैन समाधान’ स्वदेशी रूप से विकसित किया जा रहा है। टैक्टिकल लैन रेडिओ विश्वसनीय और सफल, सुरक्षित-संचार के लिए अत्याधुनिक उच्च बैंड विड्थ बैक हॉल वायरलेस रेडियो उपकरण है। यह समाधान बिना किसी अवरोध के लंबी दूरी के ‘पॉइंट टू मल्टिपॉइंट’ हाइबैंडविथ संचार अवरोध की संभावना को रोकने के लिए संचार और एम्बेडेड फ्रीक्वेंसी होपिंग तंत्र की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। इस प्रणाली में उन्नत सुरक्षा खूबियाँ भी शामिल हैं और यह बिना किसी रुकावट के एकल सेट के आधार पर 48 घंटे तक लगातार काम कर सकती है।


आईडीईएक्स को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 12 अप्रैल 2018 को डिफेंस एक्सपो इंडिया 2018 के दौरान लॉन्च किया गया था। आईडीईएक्स का उद्देश्य अनुसंधान और विकास संस्थानों, शिक्षाविदों, एमएसएमई सहित उद्योगों, स्टार्टअप, व्यक्तिगत नवप्रवर्तकों को शामिल करके अनुदान वित्त/पोषण और अन्य सहायता प्रदान करके रक्षा और एयरोस्पेस में नवाचारों को बढ़ावा देना, जिन्हे भारतीय रक्षा और एरोस्पेस में भविष्य में शामिल करने की अच्छी संभावना हो, और तकनीकी विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एक इकोसिस्टम बनाना है। पिछले चार वर्षों में डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन के तहत आईडीईएएक्स, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स के साथ सही तरह का संपर्क स्थापित करने में एक ‘फ्रंटरनर’ रूप के में उभरा है और डिफेंस स्टार्टअप कम्यूनिटी में पर्याप्त ध्यान आकर्षित कर रहा है।
वर्तमान में भारतीय सेना की कुल 42 परियोजनाएं डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज (डीआईएससी) ओपन चैलेंज और आईडीईएक्स प्राइम योजना का हिस्सा है, जिसमें 41 स्टार्टअप को भारतीय सेना द्वारा आने वाली चुनौतियों के लिए नवीनतम, अत्याधुनिक, समाधानों के विकास, के लिए शामिल किया गया है। प्रत्येक चुनौती के लिए एक समर्पित नोडल अधिकारी और भारतीय सेना से उत्कृष्टता केंद्र के रूप में एक ‘ए’ श्रेणी के प्रतिष्ठान को परियोजनाओं की प्रगति और निरंतर समर्थन के लिए नामित किया गया है। भारतीय सेना की आईडीईएक्स परियोजनाओं की शेष ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है और शीघ्र ही अनुबंधो के रूप में परिवर्तित होने की संभावना है।