मार्च 16, 2026

पीएमयूवाई के तहत लगभग 1 लाख नौकरियां प्रदान की गईं – रामेश्वर तेली

कोविड – 19 के दौरान भरे हुए सिलेंडर निःशुल्क प्रदान किए गए
हर घर उज्जवला विषय पर वेबिनार का आयोजन

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लागू होने से रसोई गैस – एलपीजी वितरण प्रणाली के माध्यम से करीब 1 लाख लोगों को रोजगार मिला है। पिछले पांच वर्षों में एलपीजी का कवरेज 61.9% से बढ़कर पूर्णता के स्तर के नजदीक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के हिस्से के रूप में, कोविड – 19 के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 14 करोड़ से अधिक भरे हुए सिलेंडर निःशुल्क प्रदान किए गए। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने विकास को गति देने तथा लोक कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए आयोजित बजट पश्चात वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रतिभागियों के साथ यह जानकारी साझा की। इस वेबिनार में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव पंकज जैन, सोशल मीडिया की टीम, तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि, वितरकों और सिलेंडर उत्पादकों ने भाग लिया।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को घर-घर तक ले जाने के लिए समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि योजना को प्रभावशाली बनाने में स्वयं सहायता समूहों को शामिल करने, सिलेंडर के पुनः रिफिल हेतु सूक्ष्म वित्त के रूप में काम करने वाले एलपीजी बैंक का निर्माण, सूक्ष्म वितरकों का नेटवर्क स्थापित करने के साथ-साथ रिफिल के लिए उपभोक्ताओं को आकर्षित करने हेतु मौजूदा सामाजिक नेटवर्क तथा संस्थागत ज्ञान का लाभ उठाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत सामाजिक विकास व्यवसायी निधि प्रभा तिवारी ने कहा कि बैतूल में सिलिंडर रिफिल के लिए ऋण की व्यवस्था शुरू की गई और उसके बाद रिफिल लेने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक (विपणन) राकेश मिश्री ने बताया कि गिव इट अप पहल के अंतर्गत 1 करोड़ से अधिक लोगों ने स्वतः एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ दी, जिसका लाभ जरूरतमंद लोगों को मिला है। उज्ज्वला योजना को घर-घर तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायतों का आयोजन किया गया है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक (एलपीजी) संतोष कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से पहले, एलपीजी कनेक्शन को शहरी उत्पाद अर्थात शहरों व कस्बों में रहने वाले लोगों के लिए खाना पकाने का ईंधन माना जाता था, लेकिन अब उज्ज्वला योजना के माध्यम से, यह सुविधा गांवों में रहने वाले गरीब लोगों को भी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के लाभार्थियों की तत्काल मांग को पूरा करने के लिए सूक्ष्म वितरकों की अवधारणा का पता लगाया जा सकता है।

भिवाड़ी सिलेंडर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के मानवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिये मांग बढ़ने से कंपनी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए बेहतरीन सिलेंडर का निर्माण करा रही है, साथ ही लोगों को कच्चे माल की आपूर्ति और सिलेंडरों की नियमित जांच भी की जा रही है। उत्तर प्रदेश के एक वितरक स्वतंत्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से पहले उनकी एजेंसी के पास 2000 कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर 12,500 हो गए हैं और इनमें से 7,500 कनेक्शन उज्ज्वला योजना के तहत आवंटित किए गए हैं।

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