मार्च 8, 2026

भारतीय सौर ऊर्जा निगम को ‘मिनीरत्न श्रेणी-I’ का दर्जा प्राप्त हुआ

एसईसीआई को आईसीआरए द्वारा एएए की उच्चतम क्रेडिट रेटिंग प्राप्त है
एसईसीआई 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता के 500 गीगावॉट के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है: सुमन शर्मा, एमडी, एसईसीआई

सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसईसीआई) को सोमवार, 10 अप्रैल, 2023 को मिनिरत्न श्रेणी- I का केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) का दर्जा दिया गया है। इसकी आधिकारिक सूचना भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी की गई है।

वर्ष 2011 में निगमित, एसईसीआई भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की प्राथमिक कार्यान्वयन एजेंसी है जो भारत सरकार की अक्षय ऊर्जा योजनाओं/परियोजनाओं के लिए भारत की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में काम करती है। अब तक, एसईसीआई ने 56 गीगावॉट से अधिक की अक्षय ऊर्जा परियोजना क्षमता प्रदान की है। एसईसीआई अपने स्वयं के निवेशों के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) के रूप में परियोजनाओं की स्थापना में भी सक्रिय है। एसईसीआई को आईसीआरए द्वारा एएए की उच्चतम क्रेडिट रेटिंग प्राप्त है।

इस उपलब्धि पर बोलते हुए एसईसीआई की प्रबंध निदेशक सुमन शर्मा ने कहा कि एसईसीआई ने अपने निरंतर प्रदर्शन, गति और संचालन में लचीलेपन के कारण कम समय में यह उपलब्धि हासिल की है। “एसईसीआई ने देश में अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता में तेजी से वृद्धि में केंद्रीय भूमिका निभाई है और देश की जलवायु प्रतिबद्धताओं, कार्बन उत्सर्जन में कमी की रणनीतियों और टिकाऊ ऊर्जा ट्रांसमिशन में योगदान दिया है।” उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री के ‘पंचामृत’ लक्ष्यों को प्राप्त करने और 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता को प्राप्त करने में एक अभिन्न अंग बनने की दिशा में एसईसीआई की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है।

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