पर्यटन मंत्रालय ने देश में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सा और वेलनेस पर्यटन के लिए एक राष्ट्रीय कार्यनीति और रूपरेखा तैयार की
पर्यटन मंत्रालय ने देश में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सा और वेलनेस पर्यटन के लिए एक राष्ट्रीय कार्यनीति और रूपरेखा तैयार की है। इस कार्यनीति में निम्नलिखित प्रमुख स्तंभों की पहचान की गई है :
i एक वेलनेस गंतव्य के रूप में भारत के लिए एक ब्रांड विकसित करना
ii चिकित्सा एवं वेलनेस पर्यटन के लिए इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाना
iii ऑनलाइन मेडिकल वैल्यू ट्रैवेल ( एमवीटी ) पोर्टल की स्थापना के द्वारा डिजिटलीकरण में सक्षम बनाना
iv मेडिकल वैल्यू ट्रैवेल के लिए पहंच में वृद्धि
v वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा देना
vi शासन एवं संस्थागत संरचना
भारत सरकार ने 30.11.2016 को कैबिनेट के अनुमोदन के अनुसार ई – पर्यटक वीसा स्कीम को उदार बनाया तथा ई – पर्यटक वीजा ( ईटीवी ) स्कीम का नाम बदल कर ई – वीजा स्कीम किया गया और वर्तमान में इसमें ई-वीजा के उप-वर्गों के रूप में ई-मेडिकल वीजा तथा ई-मेडिकल अटेंडेंट वीजा है।
ई-मेडिकल वीजा के मामले में तथा ई-मेडिकल अटेंडेंट वीजा के लिए, ट्रिपल प्रविष्टि की अनुमति है और संबंधित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी ( एफआरआरओ )/ विदेशी पंजीकरण अधिकारी ( एफआरओ ) द्वारा प्रत्येक मामले की योग्यता के आधार पर 6 महीने का विस्तार दिया जा सकता है। मेडिकल अटेंडेंट वीजा मूल ई-वीजा धारक की वैधता के साथ को-टर्मिनस था ।
इसके अतिरिक्त, जैसाकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बताया गया है, यह देश में मेडिकल वैल्यू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अन्य मंत्रालयों तथा हितधारकों के साथ समन्वयन कर रहा है। सेक्टर में चुनौतियों एवं अवसरों की पहचान करने के लिए संबंधित मंत्रालयों, अस्पतालों, एमवीटी सुगमकर्ताओं, बीमा कंपनियों तथा एनएबीएच आदि के साथ हितधारक परामर्श के कई दौर आयोजित किए गए हैं।
पर्यटन मंत्री जी कृष्ण रेड्डी द्वारा लोकसभा में यह उत्तर दिया गया।