मार्च 7, 2026

जोधपुर में 2 से 4 फरवरी तक होगी जी20 के पहले रोजगार कार्य-समूह की बैठक

वैश्विक कौशल अंतराल और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर होगी चर्चा
श्रम और रोजगार मंत्रालय की सचिव आरती आहूजा ने लिया तैयारियों का जायजा

श्रम और रोजगार मंत्रालय की सचिव आरती आहूजा ने जोधपुर में 2 से 4 फरवरी को होने वाले जी20 के पहले रोजगार कार्य-समूह की बैठक की तैयारियों का जायजा लिया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि एंप्लॉयमेंट वर्किंग ग्रुप के अंतर्गत तीन मुद्दों पर चर्चा की जायेगी। पहला विषय है वैश्विक कौशल अंतराल का समाधान करना, जिसमें प्रत्येक देश में स्किल डिमांड और सप्लाई को लेकर विचार-विमर्श होगा। दूसरा विषय है कि गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स को किस तरह सोशल सिक्युरिटी ज्यादा से ज्यादा पहुंचायी जाए। और तीसरा मुद्दा है सामाजिक सुरक्षा का सतत वित्तपोषण। इसके अलावा सभी सहभागीयों को सांस्कृतिक कार्यक्रम, हेरिटेज वॉक आदि के जरिए यहां के स्थानीय फ्लेवर से भी रूबरू कराया जाएगा।

इससे पहले नई दिल्ली में श्रम और रोजगार मंत्री भूपेन्द्र यादव ने जोधपुर में होने वाले पहले रोजगार कार्य-समूह की बैठक की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि भारत इस साल प्रतिष्ठित जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का महत्व इस तथ्य में निहित है कि जी-20 देश, विश्व में सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 85%, वैश्विक व्यापार के 3/4 और विश्व जनसंख्या के लगभग दो-तिहाई का प्रतिनिधित्व करते हैं। कार्यक्रमों का विवरण देते हुए यादव ने कहा कि जी-20 की भारतीय अध्यक्षता के तहत रोजगार कार्य समूह के पास सभी के लिए मजबूत, टिकाऊ, संतुलित और रोजगार-समृद्ध विकास के लिए प्राथमिकता वाले श्रम, रोजगार और सामाजिक मुद्दों को उठाने का अधिकार है।

विचार-विमर्श के अपेक्षित परिणामों में कौशल मांग के आकलन के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय कौशल गैप मैपिंग पोर्टल, सामान्य वर्गीकरण के साथ कौशल और योग्यता के सामंजस्य के लिए एक रूपरेखा को शामिल किया जायेगा।
गिग और प्लेटफ़ॉर्म कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच का विस्तार, गिग और प्लेटफ़ॉर्म कार्य के मद्देनजर राष्ट्रीय सांख्यिकीय क्षमता में वृद्धि तथा प्रभावी डेटा संग्रह में सहायता, सामाजिक बीमा एवं कर-वित्तपोषित योजनाओं के आधार पर नीतिगत विकल्प, सामाजिक सुरक्षा और प्राथमिकता वाली नीति के स्थायी वित्तपोषण का ध्यान रखा जायेगा।
भारत, 19 देशों, यूरोपीय संघ और 9 अतिथि देशों तथा 9 क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 73+ प्रतिनिधियों की मेजबानी कर रहा है। प्रमुख विचार-विमर्श के साथ, पहले दिन वैश्विक कौशल और योग्यता सामंजस्य, सामान्य कौशल वर्गीकरण के लिए रूपरेखा पर चर्चा करने के लिए एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया है। आईएलओ, ओईसीडी और आईएसए जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन, नीति आयोग तथा एमएसडीई, ईपीएफओ जैसे भारतीय संस्थान भी विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। जी-20 के सदस्य देशों को भी प्रमुख क्षेत्रों पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया जायेगा।

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