मार्च 14, 2026

भारत ने नेटवर्क रेडीनेस सूचकांक- 2022 के अनुसार छह स्लॉटों में सुधार किया है और अब 61वें स्थान पर है

इस रिपोर्ट को वाशिंगटन डीसी स्थित पोर्टुलांस इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है

भारत ने हाल ही में जारी नेटवर्क रेडीनेस सूचकांक- 2022 (एनआरआई 2022) की रिपोर्ट के अनुसार छह स्लॉट में अपनी स्थिति में सुधार किया है। अब भारत इस सूचकांक में 61वें स्थान पर है। 2022 के अपने नवीनतम संस्करण में एनआरआई रिपोर्ट चार अलग-अलग मानकों पर उनके प्रदर्शन के आधार पर 131 अर्थव्यवस्थाओं के नेटवर्क-आधारित रेडीनेस परिदृश्य का मापन करती है। ये मानक हैं- प्रौद्योगिकी, लोग, शासन और कुल 58 वेरिएबल को कवर करने वाले प्रभाव। इस रिपोर्ट को वाशिंगटन डीसी स्थित पोर्टुलान्स इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है, जो एक स्वतंत्र गैर-लाभकारी, गैर-पक्षपाती अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थान है।

भारत ने न केवल अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, बल्कि 2021 के अपने स्कोर को 49.74 से सुधार कर 2022 में 51.19 कर लिया है। उल्लेखनीय है कि भारत कई संकेतकों में सबसे आगे है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने “एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) प्रतिभा एकाग्रता” में पहला स्थान, “देश के भीतर मोबाइल ब्रॉडबैंड इंटरनेट ट्रैफिक” व “अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट बैंडविड्थ” में दूसरा स्थान और “दूरसंचार सेवाओं में वार्षिक निवेश” व “घरेलू बाजार आकार” में तीसरा स्थान, “आईसीटी सेवा निर्यात” में चौथा स्थान और “एफटीटीएच/बिल्डिंग इंटरनेट सब्सक्रिप्शन” व “एआई वैज्ञानिक प्रकाशन” में 5वां स्थान प्राप्त किया है।

एनआरआई- 2022 की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के पास अपने आय स्तर को देखते हुए उम्मीद से कहीं अधिक नेटवर्क रेडीनेस है। यूक्रेन (50) और इंडोनेशिया (59) के बाद भारत निम्न-मध्यम-आय वाले देशों के समूह में 36 में से तीसरे स्थान पर है। सभी आधारों और उप-आधारों में भारत का अंक इस आय समूह के औसत अंक से अधिक है।

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