मार्च 14, 2026

पीयूष गोयल ने परियोजना निगरानी समूह पोर्टल के माध्‍यम से ढांचागत परियोजनाओं के त्‍वरित कार्यान्‍वयन की समीक्षा की

दिल्ली:

पीएमजी पोर्टल 500 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि के निवेश वाली ढांचागत परियोजनाओं की रुकावटें दूर करने में सहायता करता है
वर्तमान में पीएमजी लगभग 48.94 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाली कार्यान्वित की जा रही 1,351 परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है
अप्रैल, 2021 से डीपीआईआईटी द्वारा 389 मुद्दों का समाधान किया गया और केंद्रीय मंत्रालयों एवं राज्‍य सरकारों के साथ 22 बैठकें की गईं

वाणिज्‍य एवं उद्योग, उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और वस्‍त्र मंत्री पीयूष गोयल ने परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) पोर्टल के अंतर्गत निगरानी वाली ढांचागत परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन की गति की समीक्षा की। गोयल ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए कार्यान्‍वयन एजेंसियों के समक्ष उत्‍पन्‍न होने वाले मुद्दों के समाधान की जरूरत पर बल दिया।

इन्‍वेस्‍ट इंडिया का पीएमजी पोर्टल एक विशिष्‍ट संस्‍थागत व्‍यवस्‍था है, जो 500 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि के निवेश वाली ढांचागत परियोजनाओं की रुकावटें दूर करने में सहायता करता है और साथ ही परियोजनाओं कीविशिष्‍ट बिंदुओं पर आधारित निगरानी (माइलस्‍टोन बेस्‍ड मॉनिटरिंग) भी करता है। वर्तमान में पीएमजी कार्यान्वित की जा रही लगभग 48.94 लाख करोड़ रुपयेके अनुमानित निवेश वाली 1,351 परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है। इस पोर्टल पर सड़क, परिवहन और राजमार्ग; रेलवे; पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस; नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा; विद्युतआदि जैसे अवसंरचना मंत्रालयों की परियोजनाएं सूचीबद्ध हैं। पीएमजी तंत्र परियोजना समर्थकों को परियोजनाओं के कार्यान्वयन में बाधा उत्पन्न कर रहे मुद्दों को संबंधित सरकारी एजेंसियों के समक्ष उठाने का अवसर देता है।

पीएमजी पोर्टल पर उठाए जाने वाले मामले मुख्‍यत: भूमि अधिग्रहण (लगभग 40 प्रतिशत);उपयोग का अधिकार/मार्ग का अधिकार का प्रदान करने (25प्रतिशत); और वन, पर्यावरण एवं वन्‍यजीव मंजूरी (14प्रतिशत)से संबंधित होते हैं। 2021 में, पीएमजी के अंतर्गत परियोजनाओं की विशिष्‍ट बिंदुओं पर आधारित निगरानी (माइलस्‍टोन बेस्‍ड मॉनिटरिंग) भी शामिल की गई। इसकी बदौलत परियोजनाओं में होने वाली देरी का अनुमान लगाया जा सकेगा, जिससे समय और लागत में वृद्धि टाली जा सकेगी तथा देरी के लिए जिम्मेदार एजेंसियों और अधिकारियों की पहचान हो सकेगी। पीएमजी में सूचीबद्ध होने के बाद, परियोजनाओं और उनसे संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए उन्‍हें राज्य सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों के साथ बैठकों में रखा जाता है। यह पोर्टल निर्बाध सूचना प्रदान करता है, क्योंकि किसी परियोजना से संबंधित सभी हितधारकों की इस तक पहुंच होती है तथा नियमित अपडेट और बैठकों के माध्यम से मुद्दों को समयबद्ध तरीके से हल किया जाता है।

प्रधानमंत्री के आत्मानिर्भर भारत के विज़न पर बल देने के लिए, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीएमजी पोर्टल की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और जून 2021 में उन्‍होंने चुनिंदा परियोजनाओं की समीक्षा की थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के मार्गदर्शन में01.04.2021 से, 17.9 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 687 परियोजनाओं को पीएमजी पर लाया गया है, ताकि उनकी निगरानी हो सके और उन्‍हें समय पर पूरा किया जा सके। इस प्रकार पीएमजी के आरंभ होने के बाद से उस पर कुल 1,726 परियोजनाओं को सूचीबद्ध किया जा चुका है।

कल की समीक्षा बैठक में पीयूष गोयल ने मुद्दों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों के साथ नियमित बैठकें करने का निर्देश दिया। 01.04.2021 से डीपीआईआईटी द्वारा 389 मामलों का समाधान किया गया और केंद्रीय मंत्रालयों एवं राज्‍य सरकारों के साथ 22 बैठकें की गईं। उल्लेखनीय है कि पीएमजी तंत्र के माध्‍यम से केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच तालमेल के स्तर में वृद्धि हुई है, ताकि बड़े पैमाने की ढांचागत परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जा सके।

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