सितम्बर 23, 2026

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण

संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों से मूल्य प्राप्त करने के उद्देश्य से,भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों की संभावित सूची को अंतिम रूप दिया है। यह सूची 'टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर' (टीओटी) और 'इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट' (InvIT) माध्यमों के तहत मुद्रीकरण के लिए तैयार की गई है। यद्यपि इस सूची में उन संपत्तियों को शामिल नहीं किया गया है, जिनका मुद्रीकरण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 'राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट' (आरआईआईटी) के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। यह पहल भारत सरकार की 'संपत्ति मुद्रीकरण रणनीति' का हिस्सा है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों का लाभ उठाकर, भावी बुनियादी ढांचा विकास के लिए पूंजी जुटाना, निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार तथा आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज करना है। इससे निवेशकों/बोलीदाताओं को अपने निवेश की योजना अधिक कुशल तरीके से बनाने में मदद मिलेगी। पहचानी गई इन राष्ट्रीय राजमार्ग संपत्तियों की कुल संयुक्त लंबाई 1692.5 किलोमीटर है, जिसमें नौ राज्यों—हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र—के विभिन्न खंड शामिल हैं। ये राजमार्ग संपत्तियां सामूहिक रूप से ऐसे आर्थिक और लॉजिस्टिक्स गलियारों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनमें यातायात की अच्छी-खासी संभावना है और जो कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन 17 परियोजनाओं की सूची एनएचएआई की वेबसाइट में इस लिंक पर उपलब्ध है: https://nhai.gov.in/nhai/sites/default/files/mix_file/Tentative_list_of_assets_for_monetization_in_FY-2026-27.pdf मुद्रीकरण की यह प्रक्रिया टीओटी और InvIT फ्रेमवर्क के तहत पारदर्शी और व्यवस्थित तंत्रों के माध्यम से पूरी की जाएगी। ये फ्रेमवर्क राष्ट्रीय राजमार्गों के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए दीर्घकालिक संस्थागत निवेश आकर्षित करने में सफल मॉडल साबित हुए हैं। ये फ्रेमवर्क, सतत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नवीन वित्तपोषण तंत्रों को अपनाते हुए, परिसंपत्ति के कुशल प्रबंधन और परिचालन उत्कृष्टता को भी सुनिश्चित करते हैं। यह पहल एनएचएआई की उस प्रतिबद्धता को भी और मज़बूत करती है, जिसके तहत वह आधुनिक, सुदृढ़ और सतत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रयासरत है। इस नेटवर्क का उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, लॉजिस्टिक्स की दक्षता बढ़ाना और पूरे देश में निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है।

रियायतधारकों के 8,375 करोड़ रुपये से अधिक के दावों और एनएचएआई द्वारा 2,888.64 करोड़ रुपये के प्रतिदावों से जुड़े दो...

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अपने अनुबंधों के लिए बीमा ज़मानत बॉन्डों (आईएसबी) के कार्यान्वयन पर नई दिल्ली में...

विभिन्न हितधारकों और विशेषज्ञों ने पर्यावरण-अनुकूल शमन संबंधी उपायों सहित वन और पर्यावरण से जुड़ी मंजूरी के बारे में विभिन्न...

भुभुजोत सहित प्रदेश में तीन प्रमुख सुरंगों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने...

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की।...

तत्काल वित्तीय सहायता का आग्रह लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई)...

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की कीरतपुर-नेरचौक, पंडोह-टकोली और कुल्लू-टकोली परियोजनाओं की...

शिमला-मटौर तथा मंडी-पठानकोट सड़क परियोजनाओं को फोरलेन करने को सैद्धांतिक मंजूरीमुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग...

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज लोक निर्माण विभाग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आयोजित...

‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तत्वावधान में,भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया और...

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत 09 और 10 जून 2022 को श्रीनगर में क्षेत्रीय अधिकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया।...

Copyright © All rights reserved. Newsphere द्धारा AF themes.