भारत आयुष जैसी पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ उन्नत चिकित्सा बुनियादी ढांचे को एकीकृत करके मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (एमवीटी) के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। मजबूत नीतिगत समर्थन, डिजिटल सुविधा और आयुष वीजा एवं क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र जैसी पहल इकोसिस्टम को मजबूत कर रही हैं। बढ़ती वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल लागत और समग्र देखभाल की मांग अंतरराष्ट्रीय रोगियों को किफायती, उच्च गुणवत्ता वाले उपचार और निवारक स्वास्थ्य समाधानों के लिए भारत में आने के लिए प्रेरित कर रही हैं। भारत एक वैश्विक उपचार गंतव्य के रूप में दुनिया भर में, स्वास्थ्य देखभाल की बढ़ती लागत, लंबे समय तक प्रतीक्षा समय और जीवन शैली से जुड़े रोगों का बढ़ता बोझ रोगियों को विदेश में इलाज कराने के लिए प्रेरित कर रहा है। इस वैश्विक बदलाव ने बहु-अरब डॉलर के मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (एमवीटी) उद्योग का उदय किया है। वर्ष 2022 में वैश्विक मेडिकल वैल्यू ट्रैवल बाजार का मूल्य लगभग 115.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। इसके वर्ष 2030 तक लगभग 286.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। बाजार लगभग 10.8 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है। भारत इस विकसित वैश्विक परिदृश्य में सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक गंतव्य के रूप में उभरा है। उद्योग का अनुमान है कि वर्ष 2025 में चिकित्सा पर्यटन बाजार लगभग 8.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का होगा, जिसमें वर्ष 2030 तक 16.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुमान है। सदियों से, भारत को उपचार, संतुलन और रोग मुक्ति की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए एक मुख्य गंतव्य के रूप में माना जाता रहा है। आज, यह प्राचीन विरासत एक गतिशील मेडिकल वैल्यू ट्रैवल इकोसिस्टम के रूप में विकसित हुई है। यह आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को पारंपरिक प्रणालियों के कालातीत ज्ञान के साथ जोड़ता है। प्रमुख "हील इन इंडिया" पहल के माध्यम से, सरकार देश को एकीकृत और समग्र स्वास्थ्य सेवा के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है।...