सितम्बर 27, 2026

पीएम स्मृति-चिन्ह ई-नीलामी 2026 में महाराष्ट्र की विरासत, कला और समकालीन उपलब्धियां  शामिल

89 स्मृति-चिन्हों का यह संग्रह महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत, कलात्मक धरोहर और समकालीन उपलब्धियों की झलक पेश करता है

‘पीएम स्मृति-चिन्ह ई-नीलामी 2026’ में महाराष्ट्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराएं, स्वदेशी कला-विधाएं और समकालीन उपलब्धियां दिखाई देंगी। इस राज्य की विविध सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने वाले इस संग्रह में मूर्तियां, चित्रकलाएं, कलाकृतियां, स्मारक वस्तुएं, धार्मिक कलाकृतियां, खेलों से जुड़े स्मृति-चिन्ह और मॉडल जैसी कई तरह की चीजें शामिल हैं।

इस संग्रह का एक मुख्य विषय छत्रपति शिवाजी महाराज की चिरस्थायी विरासत है। इसमें कई ऐसी चीजें हैं जो इस मराठा शासक को अलग-अलग रूपों और कला शैलियों में दर्शाती हैं। इनमें उन्हें घोड़े पर सवार, सिंहासन पर बैठे, शेर के साथ और खास समारोहों के माहौल में दिखाने वाली मूर्तियां शामिल हैं।

इस संग्रह में चांदी की मूर्ति, लकड़ी पर उकेरा गया चित्र, फ्रेम की हुई कलाकृति और रायगढ़ किले में स्थित मेघडंबरी का स्केल मॉडल भी शामिल है।

कई कलाकृतियां महाराष्ट्र की भक्ति परंपराओं को दर्शाती हैं। इनमें पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ संत तुकाराम और ध्यानमग्न संत ज्ञानेश्वर को दर्शाने वाली कलाकृतियां शामिल हैं।

इस संग्रह में राज्य की पारंपरिक कला शैलियों, खासकर वारली कला शैली की कई कृतियों के जरिए वहां की कला परंपराओं की झलक भी मिलती है। एक कलाकृति में जनजातीय नेता बिरसा मुंडा के चित्र को वारली कला के खास डिजाइनों के साथ मिलाया गया है। जबकि दूसरी कृतियों में वारली कला के खास ज्यामितीय आकारों का उपयोग करके ग्रामीण जीवन, खेती, त्योहारों और सामुदायिक परंपराओं को दर्शाया गया है। कपड़े पर बनी वारली चित्रकला, जिनमें गहरे मैरून रंग के कपड़े पर हाथ से बनाई गई चित्रकारी भी शामिल है, इस पारंपरिक कला शैली की विविधता को और भी बेहतर ढंग से प्रदर्शित करती हैं।

इस कैटलॉग में विरासत एवं भक्ति-भाव वाली कला के अलावा महाराष्ट्र की खेल से जुड़ी  उपलब्धियों को भी शामिल किया गया है। विशिष्ट स्मृति-चिन्हों में पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी सुकांत कदम के हस्ताक्षर वाला बैडमिंटन रैकेट और सचिन खिलारी का हस्ताक्षर किया हुआ कैरी बैग व शॉट-पुट शामिल है। इन खिलाड़ियों ने पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

कई स्मृति-चिन्ह महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे और संस्थागत उपलब्धियों को भी दर्शाते हैं। इनमें वधावन बंदरगाह, ठाणे-बोरीवली जुड़वां सुरंग परियोजना और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के प्रेजेंटेशन मॉडल शामिल हैं। भारत की सामाजिक एवं बौद्धिक विरासत को दर्शाने वाले स्मृति-चिन्ह भी इस कैटलॉग का अहम हिस्सा हैं। इनमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, अहिल्याबाई होल्कर और पेशवा बाजीराव प्रथम के चित्र व मूर्तियां शामिल हैं।

ये सभी 89 स्मृति-चिन्ह मिलकर महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान की एक झलक पेश करते  हैं। इनमें ऐतिहासिक हस्तियां, आध्यात्मिक परंपराएं, लोक कला, धार्मिक वास्तुकला, खेल से जुड़ी उपलब्धियां और समकालीन  बुनियादी ढांचा शामिल हैं। हाथ से बनी वारली कलाकृतियों एवं भक्ति-भाव वाली मूर्तियों से लेकर विभिन्न संस्थानों के मॉडल तथा खेलों से जुड़े स्मृति-चिन्हों तक, यह संग्रह उन कई पहलुओं को दर्शाता है जिनके जरिए महाराष्ट्र की विरासत और उपलब्धियां अभिव्यक्त होती हैं।

‘पीएम स्मृति-चिन्ह ई-नीलामी 2026’ का 8वां संस्करण 2 अक्टूबर 2026 तक जारी है। नीलामी की तारीखों, इसमें शामिल होने की जानकारी और संपूर्ण कैटलॉग हेतु, ‘पीएम स्मृति-चिन्ह ई-नीलामी’ के आधिकारिक पोर्टल pmmementos.gov.in पर जाएं।

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