सितम्बर 25, 2026

प्रदेश सरकार 12वीं कक्षा के बाद बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने पर कर रही है विचारः मुख्यमंत्री

विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना आवश्यक

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार 12वीं कक्षा के बाद सीधे बीएड कोर्स शुरू करने पर विचार कर रही है। वह आज यहां सेंट बीड्स कॉलेज, शिमला के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं को कौशलयुक्त बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा स्टोरेज जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। उन्होंने कॉलेज के मेधावी छात्रों के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की और कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करने वाला देश का पहला राज्य है।
उन्होंने प्रदेश में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में नशे के खिलाफ अभियान शुरू किया है और इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और राज्य में युवाओं के लिए खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि के साथ-साथ खिलाड़ियों की डाइट मनी में भी वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में अंडर-17 और अंडर-19 के खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 150 रुपये और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 250 रुपये की राशि डाइट मनी के रूप में दी जाती थी। वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर 400 और 500 रुपये कर दिया है। इसी तरह अंडर-14 खिलाड़ियों के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में डाइट मनी 120 रुपये बढ़ाकर 250 रुपये और राष्ट्रीय स्तर पर इस राशि को 250 रुपसे से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य से बाहर प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 200 किलोमीटर की यात्रा के लिए थ्रीय टायर एसी रेल किराया और 200 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए इकोनोमिक क्लास हवाई किराया देने का भी निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण सुधार किए हैं। पहली बार सरकारी स्कूल के बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए सिंगापुर और कंबोडिया भेजा गया, वहीं शिक्षकों को भी आधुनिक शिक्षण पद्धतियां सीखने के लिए विदेश भेजा गया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए सरकार प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणवद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित कर रही है। इन स्कूलों को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शैक्षणिक ज्ञान देने के साथ-साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाकर उनका समग्र विकास सुनिश्चित करना है। शिक्षा निदेशालय की कार्यप्रणाली में संरचनात्मक सुधार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की गलत नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश देश में गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में फिसल कर 21वें स्थान पर पहुंच गया है जबकि वर्तमान प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार कर रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों में अत्याधुनिक और स्टेट ऑफ आर्ट मशीनरी स्थापित करने के लिए 1800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी मशीनरी और उपकरणों के कारण बीमारी की जांच और इसके उपचार में अधिक समय लगता है लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार प्रतिबद्धता से स्वास्थ्य क्षेत्र को उन्नत कर रही है।
विद्यार्थी जीवन का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 40 वर्ष पूर्व सेंट बीड्स कॉलेज में वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लिया था। इस शैक्षणिक संस्थान ने अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि 17 वर्ष पूर्व राजकीय महाविद्यालय संजौली से कक्षा प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त हो कर उनका राजनीतिक जीवन शुरू हुआ था। इस अनुभव से फिर वह नगर पार्षद और उसके उपरान्त विधायक के रूप में चुने गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान युग की सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने 2023 के दौरान भीषण प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया, जिससे प्रदेश के लगभग 23 हजार परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने राज्य की समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को हरित ऊर्जा बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है और इस दिशा में हर संभव प्रयास सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
इससे पूर्व, कॉलेज की प्रधानाचार्य सिस्टर मौली इब्राहिम ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कॉलेज की वार्षिक रिपोर्ट का ब्योरा दिया।
इस अवसर पर कॉलेज के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
विधायक हरीश जनारथा और संजय अवस्थी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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