मार्च 8, 2026

प्रधानमंत्री ने देश भर में कई बिजली परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की 7 परियोजनाओं का उद्घाटन और 1 परियोजना का शिलान्यास किया
अक्षय ऊर्जा की कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया
हमारे लिए विकास का मतलब गरीब से गरीब का विकास, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और वंचितों का विकास है: प्रधानमंत्री
बिजली क्षेत्र को मजबूत किए बिना देश इतनी तेजी से विकास नहीं कर पाता: विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेलंगाना के आदिलाबाद में बिजली, रेल और सड़क क्षेत्रों से संबंधित 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आदिलाबाद की भूमि न केवल तेलंगाना बल्कि पूरे देश से संबंधित विकास परियोजनाओं का गवाह बन रही है, क्योंकि 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की 30 से अधिक विकास परियोजनाओं का या तो लोकार्पण किया जा रहा है या आज उनका शिलान्यास हो रहा है। इन परियोजनाओं में राज्य में ऊर्जा, पर्यावरण स्थिरता और सड़क कनेक्टिविटी से संबंधित कई परियोजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि आज जिस 800 मेगावाट क्षमता की एनटीपीसी यूनिट 2 का उद्घाटन किया गया है, उससे तेलंगाना की बिजली उत्पादन क्षमता को और बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने राज्यों के विकास से देश के विकास का मंत्र दोहराया। उन्होंने कहा कि बेहतर अर्थव्यवस्था से देश में भरोसा बढ़ता है और राज्यों को भी निवेश मिलने से उसका फायदा होता है। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की उच्च विकास दर को लेकर वैश्विक चर्चा के बारे में बताया, क्योंकि भारत एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था है जो पिछली तिमाही में 8.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने कहा, “इस गति के साथ, भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, जिसका मतलब तेलंगाना की अर्थव्यवस्था के लिए भी उच्च विकास होगा।”

तेलंगाना के राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौंदर्यराजन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी के साथ-साथ अनेक गण्यमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: प्रधानमंत्री ने देश भर में कई बिजली परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री ने आज जिन परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया, उनकी सूची नीचे दी गई है।

क्र.सं.राज्यजिलाआयोजन का प्रकारपरियोजना का नामपरियोजना की लागतसंगठन
1तेलंगानापेडापल्लीलोकार्पणतेलंगाना एसटीपीपी, चरण-I की इकाई-02 (800 मेगावाट)8007एनटीपीसी
2 उत्तर प्रदेशसोनभद्रशिलान्याससिंगरौली सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, चरण-III (2×800 मेगावाट)17000एनटीपीसी
3झारखंडचतरालोकार्पणउत्तरी करणपुरा एसटीपीपी 4609 एनटीपीसी की यूनिट-02 (660 मेगावाट)4609एनटीपीसी
4छत्तीसगढ़रायगढ़शिलान्यासफ्लू गैस कार्बन डाइऑक्साइड से 4जी इथेनॉल संयंत्र294एनटीपीसी
5छत्तीसगढ़कोरबाशिलान्यासफ्लाई ऐश आधारित फ्लाई ऐश – चूना – जिप्सम समग्र संयंत्र 22एनटीपीसी
6आंध्र प्रदेशसिम्हाद्रिशिलान्याससमुद्री जल से हरित हाइड्रोजन संयंत्र30एनटीपीसी
7छत्तीसगढ़सीपतलोकार्पणफ्लाई ऐश आधारित लाइट वेट एग्रीगेट प्लांट51एनटीपीसी
8उत्तर प्रदेशगौतम बुद्ध नगरलोकार्पणएसटीपी वाटर टू ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट10एनटीपीसी
9उत्तर प्रदेशसंभलउद्घाटनपीआरएसटीएल परियोजना के तहत संबंधित ट्रांसमिशन लाइनों के साथ 765/400/220 केवी गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन (जीआईएस), रामपुर और 400/220/132 केवी सबस्टेशन, संभल सबस्टेशन की स्थापना1165पीजीसीआईएल
10उत्तर प्रदेश मेरठउद्घाटनमेरठ-सिंभावली ट्रांसमिशन लिमिटेड1050पीजीसीआईएल
11उत्तर प्रदेशकानपुर देहातउद्घाटनगुजराई एसपीपी342एसजेवीएन
12उत्तर प्रदेशजालौनउद्घाटनगुरहा एसपीपी 408एसजेवीएन
13उत्तर प्रदेश जालौनउद्घाटनपरासन एसपीपी342एसजेवीएन
14उत्तर प्रदेश ललितपुरशिलान्यासललितपुर सौर ऊर्जा परियोजना3000टीयूएससीओ/टीएचडीसी
15आंध्र प्रदेशकुरनूलशिलान्यासकुरनूल पवन ऊर्जा क्षेत्र/सौर ऊर्जा क्षेत्र (एपी) के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम – भाग-ए और भाग-बी3547पीजीसीआईएल
16चंडीगढ़चंडीगढ़उद्घाटनकेंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ में 220/22 केवी जीआईएस की स्थापना के साथ-साथ चंडीगढ़ जीआईएस से 400/220 केवी पंचकुला (पीजी) सब स्टेशन तक 220 केवी डी/सी लाइन की स्थापना322पीजीसीआईएल
17हरियाणाभिवानीउद्घाटनउत्तरी क्षेत्र प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना – XXXV122पीजीसीआईएल
18हिमाचल प्रदेशबिलासपुरशिलान्यास नांगल फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट (एफएसपी)90एसजेवीएन
19हिमाचल प्रदेशमंडी और शिमलाशिलान्याससुन्नी बांध एचईपी2615एसजेवीएन
20झारखंड कोडरमाउद्घाटनरेट्रोफिटिंग प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली-एफजीडी यूनिट- I (500 मेगावाट) कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (2×500 मेगावाट)676डीवीसी
21कर्नाटक बागलकोटउद्घाटनकोप्पल पवन ऊर्जा क्षेत्र (कर्नाटक) में आरई स्रोतों से बिजली की निकासी (2500 मेगावाट) (एसपीवी – कोप्पल-नरेंद्र ट्रांसमिशन लिमिटेड)750रिन्यू
22महाराष्ट्रबीड/धाराशिवउद्घाटनमहाराष्ट्र में उस्मानाबाद क्षेत्र (1 गीगावॉट) में आरई परियोजनाओं से बिजली की निकासी के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम282इंडीग्रिड
23पंजाब लुधियानाउद्घाटनउत्तरी क्षेत्र प्रणाली सुदृढ़ीकरण – एक्सएल360पीजीसीआईएल
24राजस्थानफतेहगढ़,जैसलमेरउद्घाटनजैसलमेर फतेहगढ़, राजस्थान में आरईआईए ट्रेंच-1 के तहत 380 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना2115.0 O2 पावर/एनएचपीसी
25उत्तराखंड पिथौरागढ़उद्घाटनउत्तरी क्षेत्र में प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना – XXXVII380पीजीसीआईएल
26 उत्तराखंड उत्तर काशीउद्घाटननैटवार मोरी जलविद्युत परियोजना648एसजेवीएन
27नगालैंड दीमापुरउद्घाटनउत्तर पूर्वी क्षेत्र सुदृढ़ीकरण योजना – XII (एनईआरएसएस-XII)576.0पीजीसीआईएल
28असमधुबरीशिलान्यासअसम में 70 मेगावाट एसपीपी360एसजेवीएन
29तेलंगाना आदिलाबादशिलान्यासएनएच-353बी-2एल+पीएस आदिलाबाद-बेला-2एल+पीएस किमी 0+00 से किमी 32+970490सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
30तेलंगाना मुलुगुशिलान्यासएनएच-163 किमी 279/150 से 290/500 (किमी 287/200 से 288/240 तक को छोड़कर) हैदराबाद-भूपालपट्टनम रोड का खंड136सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
31तेलंगाना/महाराष्ट्रबहु-जिलालोकार्पणअंबारी-आदिलाबाद पिंपलकुट्टी विद्युतीकरण70एमओआर
32उत्तर प्रदेश जालौनशिलान्यास1200 मेगावाट जालौन अल्ट्रा मेगा नवीकरणीय ऊर्जा पावर पार्क6196बीएसयूएल (एनएचपीसी और यूपीनेडा का संयुक्त उद्यम)

इन 32 परियोजनाओं की कुल लागत 56,065 करोड़ रुपये है।

केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह महारानी बाग, नई दिल्ली में पावर ग्रिड सबस्टेशन से कार्यक्रम में शामिल हुए। आदिलाबाद में कार्यक्रम शुरू होने से पहले सभा को संबोधित करते हुए, विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने याद दिलाते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए, पिछले दशक में उत्पादन, पारेषण और वितरण में कई मेगा परियोजनाएं सफलतापूर्वक शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा, “सरकार ने अप्रैल 2014 से 196 गीगावॉट से अधिक उत्पादन क्षमता जोड़कर बिजली की कमी के महत्वपूर्ण मुद्दे का समाधान किया है, जिससे हमारे देश को बिजली की कमी से पर्याप्त बिजली में बदल दिया गया है। सरकार ने उत्पादन क्षमता मार्च 2014 में 248554 मेगावाट से बढ़ाकर दिसंबर 2023 में 428299 मेगावाट कर दी है। इन उपायों के परिणामस्वरूप, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की उपलब्धता 2015 में 12.5 घंटे से बढ़कर 2023 में 20.6 घंटे हो गई है। 2023 में शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति बढ़कर 23.78 घंटे हो गई है।”

पावर ग्रिड के कर्मचारियों और बिजली क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों और हितधारकों की सराहना करते हुए, विद्युत मंत्री ने कहा कि यह वृद्धि उनके योगदान के कारण संभव हो पाई है। बिजली क्षेत्र और अर्थव्यवस्था के विकास के बीच सहक्रियात्मक संबंध पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र को मजबूत किए बिना देश इतनी तेजी से विकास नहीं कर पाता। “पर्याप्त क्षमता वृद्धि को समायोजित करने के लिए, भारत सरकार ने 2013-14 से 2022-23 के बीच 1,89,052 सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) ट्रांसमिशन लाइनों की योजना बनाई और पूरे देश को एक आवृत्ति पर चलने वाले एक ग्रिड में जोड़ते हुए 1,16,540 मेगावाट को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक स्थानांतरित करने की क्षमता के साथ पूरे देश को एक राष्ट्रीय बाजार में एकीकृत किया गया।”

विद्युत मंत्री ने कहा कि सरकार ने बिजली क्षेत्र को व्यवहार्य बनाने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। “एटीएंडसी घाटा 2014-15 में 25.72% से घटकर 2022-23 में 15.40% हो गया है। जेनकोस के सभी मौजूदा भुगतान अद्यतन हैं और जेनकोस का विरासती बकाया जून 2022 में 1,39,947 करोड़ रुपये से कम होकर 31 जनवरी, 2024 को 49,451 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य सरकार द्वारा घोषित सब्सिडी के कारण डिस्कॉम को सब्सिडी भुगतान अद्यतन है।

विद्युत मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से विकास करता रहेगा और बिजली क्षेत्र को आने वाले वर्षों में भी क्षमता बढ़ानी होगी और सुधार करना होगा।

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