ब्रिक सोसाइटी की पहली बैठक को संबोधित किया जिसका उद्देश्य बायोटेक अनुसंधान और नवोन्मेषण को बढ़ाकर स्वास्थ्य देखभाल, भोजन और...
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
अपनी स्वास्तिक पहल के हिस्से के रूप में 9 नवंबर, 2023 को सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (एनआईएससीपीआर)...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में भारत की जैव-अर्थव्यवस्था में वर्ष-दर-वर्ष दहाई अंक की वृद्धि दर...
इंजीनियरों की शैक्षिक पृष्ठभूमि और उनकी विशेषज्ञता सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों कोविशेष रूप से उसे जो प्रौद्योगिकी आधारित हैं, को...
वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन के भारत के प्रयास दुनिया के लिए आदर्श हैं, नागरिकों से जनभागीदारी की सच्ची भावना...
देश में राजकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 9 वर्षों में 145 से बढ़कर 260 हो गई है : डॉ. जितेंद्र...
ई-कॉमर्स मंचों के साथ सहयोग निजी और सार्वजनिक क्षेत्र, सरकार तथा उद्योग के बीच सबसे महत्वपूर्ण रूप से क्षमता संसाधनों...
अब एक नया स्वदेशी सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी समाधान 5जी नेटवर्क पर होने वाले जीरो डे वल्नरेबिलिटीज अटैक (या जीरो डे भेद्यता...
"प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक जलवायु आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और विश्व अब जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भारत...
लगभग 8/9 साल पहले के हमारे 50 बायोटेक स्टार्ट- अप्स अब बढ़कर लगभग 6,000 हो चुके हैं पर हमें अभी...
उद्योग लिंकेज के साथ-साथ स्टार्टअप्स द्वारा पेटेंट नवोन्मेषण को प्रोत्साहित और उद्यमिता को प्रेरित करते हैं : डॉ. जितेन्द्र सिंह“प्रधानमंत्री...
जेनोवा द्वारा स्वदेशी प्लेटफॉर्म तकनीक के उपयोग से विकसित भारत की पहली एमआरएनए वैक्सीन, डीबीटी और बीआईआरएसी से वित्त पोषण...
चुनौती के तीसरे संस्करण में 12 टीमों ने विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार जीते, जिसमें 1780 छात्रों और 126 शैक्षणिक संस्थानों...
स्वास्थ्य देखभाल की अंतिम मील तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मेडिको संगठन सरकार के साथ सहयोग कर सकते हैं:...
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री, कार्मिक, लोक...
भारतीय वैक्सीन बाजार के 2025 तक 252 अरब रुपये तक पहुंचने की उम्मीद : डॉ. जितेंद्र सिंह केंद्रीय विज्ञान और...
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी त्तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ) पृथ्वी विज्ञान ; प्रधानमन्त्री कार्यालय (पीएमओ), कार्मिक,...
जैव प्रौद्योगिकी विभाग 2025 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टीबी मुक्त भारत की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए टीबी...
अनुसंधान संस्थानों के बीच अनुसंधान नेटवर्किंग को बढ़ावा देने और परस्पर सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए भारत के विज्ञान...
प्रतिनिधियों ने 2 मार्च, 2023 को रांची में सतत ऊर्जा के लिए सामग्री पर जी20 के अनुसंधान नवाचार पहल समूह...
उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, एनआईआई, दिल्ली में मुख्य अतिथि के रूप में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के 37वें स्थापना दिवस...
गत 21- 22 फरवरी 2023 को " राष्ट्रीय विकास के लिए भू-स्थानिक नीति " पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में...
डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि एनईपी-2020 भारत में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम का पूरक है, जो छात्रों और युवाओं को जीविका...
डॉ. जितेंद्र सिंह नागपुर में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के इतर दिल्ली और क्षेत्रीय मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत कर रहे...
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की पहलों के नीतिगत स्तर के प्रभाव प्रमुख उपलब्धियां और पिछले 9 वर्षों (2014-दिसंबर 2022)...
गैलियम नाइट्राइड (जीएएन - GaN) नैनोस्ट्रक्चर के साथ अवरक्त (इन्फ्रारेड – आईआर) प्रकाश को सीमित और अवशोषित करने की एक...
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) द्वारा कोविड के लिए विश्व के पहले इंट्रानेजल वैक्सीन...
मंत्री ने निजी क्षेत्रों और स्टार्टअप से देश में इस महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के विकास का पता लगाने का आग्रह कियाडॉ....
सीएसआईआर- एनआईएससीपीआर- निस्पर ने आईसीएमआर के सहयोग से स्वास्थ्य संचार पर संपर्क सत्र आयोजित किया यदि वैज्ञानिक संवाद नहीं करते...
युवा शोधकर्ताओं (यंग रिसर्चर्स 2022) के भारत–जर्मन सप्ताह, जिसका उद्घाटन हुआ है , से अपने शोध हितों को साझा करने...
निजी क्षेत्र एसटीआई योगदान बढ़ाने तथा सहयोगात्मक वित्त पोषण तंत्र विकसित करने के द्वारा अनुसंधान एवं विकास के लिए वित्तीय...
मंत्री महोदय जम्मू में 'एक काम देश के नाम' के तहत आयोजित 'अपशिष्ट से सम्पदा' पर राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित...
वैज्ञानिकों ने नैनो-सामग्री का उपयोग ना-आयन-आधारित बैटरियों और सुपरकैपेसिटरों को विकसित करने के लिए किया है, जिन्हें तेजी से चार्ज...
वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई सामग्री की खोज की है जो उच्च दक्षता के साथ इंफ्रारेड प्रकाश का उत्सर्जन, खोज...
भारतीय वैज्ञानिकों ने कम लागत वाला एक टच-कम-प्रॉक्सिमिटी सेंसर अर्थात स्पर्श-सह-सामीप्य संवेदक विकसित करने के लिए प्रिंटिंग तकनीक के जरिये...